आईएआरआई अवार्ड से सम्मानित होंगे खीरी जिले के किसान अचल मिश्र

यूपी के लखीमपुर खीरी जिले के किसान अचल मिश्र खेती किसानी से शोहरत की नई बुलंदियों को छूते जा रहे हैं, यूपी के सीएम के हाथों गन्ना उत्पादन में अवार्ड पा चुके अचल मिश्र को अब भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली से सम्मानित किया जाएगा.

लखीमपुर खीरी (TheUpTopVoice)। खेती किसानी में अपने नए प्रयोग और फसल के उत्पादन में बढ़ोत्तरी  के साथ विविधता लाने के लिए मशहूर खीरी जिले के किसान अचल मिश्र अपने किसानी के ढंग से जिले का नाम रोशन किया हुआ है, कई सम्मानों से पुरस्कृत अचल को अब भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली में आयोजित होने वाले “नवोन्मेषी किसान” सम्मान समारोह में  06 जून को सम्मानित किया जायेगा।

गन्ने के साथ करते हैं एकीकृत कृषि,

अचल मिश्र पाले ने अपने खेतों के बीच आकर्षक फार्म बना रखा है ,जहां वे गन्ने की नर्सरी के साथ मधुमक्खी पालन, कड़कनाथ मुर्गा, एजोला उत्पादन, वर्मी कंपोस्ट आदि भी बनाते हैं, ताकि कृषि में लागत  कम हो और उत्पादन बेहतर हो सके। वे बताते हैं कि आज के समय में ज्यादा उत्पादन के लिए कई किसान मनमाने ढ़ंग से रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करने लगे हैं, जिससे खेती में लागत बढ़ती जाती है। लेकिन अगर मुर्गी की खाद, वर्मी कंपोस्ट और एजोला आदि का कृषि में सही तरीके से देशी खाद बनाकर प्रयोग किया जाए तो न सिर्फ बाजार से कम उर्वरक खरीदनी होगी बल्कि उत्पादन भी अच्छा होगा।
  अपनी खेती की सफलता को लेकर वे बताते हैं कि गन्ना लंबी अवधि की फसल है, तो हम गन्ने के साथ सहफसली खेती करते हैं। जैसे गन्ने के साथ लहसुन, सरसों, ब्रोकली,आदि बीच में बो देते हैं तो जब तक गन्ने की फसल तैयार होती है तब तक दूसरी फसलें तैयार हो जाती हैं। इससे हमें सिर्फ गन्ने के उत्पादन का ही इंतजार नहीं करना पड़ता और दूना लाभ होता है।

पीएम से लेकर सीएम तक कर चुके हैं सम्मानित,

    अचल मिश्रा को कृषि में नवाचार और विविधीकरण को लेकर देश के प्रधानमंत्री से लेकर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ भी सम्मानित कर चुके हैं।

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