- लखीमपुर खीरी जिले की पलिया तहसील में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई ठप है 5 दिन के बाद धीरे-धीरे आवागमन तो शुरू हो गया, लेकिन लोगों की जरूरत की चीजें अभी उन तक नहीं पहुंच पा रही हैं । ऐसे में किसी भी पम्प पर डीजल और पेट्रोल नहीं है उनके वाहनों के पहिए थम गए हैं।

(यूपीटॉप-वॉइस) लखीमपुर खीरी। तराई के खीरी जिले में बाढ़ का प्रकोप अभी थमा नहीं है, लेकिन कुछ हिस्से में पानी उतरने से राहत जरूर मिल गई है । जिले में सबसे पहले बाढ़ का असर पलिया तहसील में हुआ। पलिया तहसील का अधिकांश हिस्सा भौगौलिक रूप से पूरी तरह कट गया । ऐसे में जरूरत की चींजे नही पहुंच सकी। जब पानी उतरा तो लोग वाहन लेकर निकले एक दिन में ही नगर के सभी पेट्रोल पम्प ड्राई हो गए। रविवार को लोगों के वाहनों की भूख नही मिट सकी। उनके वाहनों के पहिये थम गए।
पलिया जाने के लिए गोण्डा -मैलानी रेलवे लाइन के अलावा भीरा से पलिया या फिर निघासन से पलिया जाने को दो मुख्य सड़क मार्ग हैं । लेकिन इस बार बाढ़ से रेलवे लाइन कटी साथ मे पलिया जाने के दोनों रास्तों पर भी इतना पानी आ गया कि 5 दिन से पलिया इलाके के लोग परिवहन के तौर पर प्रदेश से कट से गए। पलिया, संपूर्णानगर, खजुरिया, चंदन चौकी समेत दुधवा नेशनल पार्क का इलाका प्रदेश के हिस्से से कट गया । वहां पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालकर नाव से पहुंचा जा सकता था।

- रविवार को छोटे वाहन चले, बड़े वाहन नहीं निकल सके
पलिया से भीरा रोड पर अभी भी पानी चल रहा है, नेशनल हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया है जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं ।वही बाढ़ पीड़ित भी कई स्थानों पर सड़क पर हैं, ऐसे में बड़े वाहन भीरा में खड़े हुए हैं । इनमें सब्जी और पेट्रोल डीजल के वाहन भी हैं। रविवार को पलिया में सभी पेट्रोल पंप ड्राइ हो गए । लोग घरों से अपने वाहन लेकर निकले तो उनको फ्यूल नहीं मिला। ऐसे ने अपने वाहन लोग खीचते नजर आए । इसके अलावा नेपाल जाने के लिए इसी मार्ग से टैंकर जाता है । लेकिन कई दिन से वहां भी फ्यूल नही पहुंच सका। पलिया के लोगों ने भीरा से किसी तरह से डीजल-पेट्रोल मंगवाया और जरूरत के लिए अपने वाहनों में डाल लिया । कई पेट्रोल पंप मालिकों ने सोशल साइट पर प्रशासन से गुहार लगाई की आवश्यकता को देखते हुए उनके टैंकरों को भीरा से पलिया तक पहुंचा दिया जाए ।जिससे लोगों की एक बड़ी समस्या हल हो सके।





