खीरी और एसटीएफ पुलिस की संयुक्त टीम ने ठगों के गिरोह का भंडाफोड़ कर गोंडा के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कि पिता पुत्र हैं, आरोपी के कभी पुलिस तो कभी पत्रकार बन जाते थे, तीन आरोपी अभी फरार हैं,

लखीमपुर खीरी (The_Up_Top_Voice)। खीरी पुलिस ने ठगी के ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो कि करेंसी नोट को केमिकल से बंनाने का दावा करके लोगों को चूना लगाते थे। ये दोनों शातिर बाप-बेटे हैं, शातिराना अंदाज इतना था कि ये एक जिले में नही बल्कि यूपी के तमाम जिलों में जाकर अपना गिरोह चलाकर लोगों को ठग लेते थे, लखीमपुर जिले में जब इन्होंने अपनी शातिराना चाल दिखाई तो धर लिए गए। पुलिस ने इनके पास से नकली प्रेस कार्ड, समेत 22 लाख 39 हजार से ज्यादा की रकम भी पकड़ी है।
- पलिया में एक को बनाया था शिकार, वहीं दर्ज हुआ मुक़दमा
- लखीमपुर खीरी जिले के पलिया कस्बे के रहने वाले महेंद्र सिंह ने पलिया कोतवाली पुलिस से तीन अप्रैल को शिकायत की थी कि एक ठग गिरोह ने धन दोगुना का लालच देकर उनके ढाई लाख रुपए ठग लिए. इस मामले की जांच में पुलिस के साथ एसटीएफ भी जुट गई.
खीरी के अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि गोंडा का ठग गिरोह खीरी और यूपी के अन्य जिलों में धन दोगुना करने का लालच देकर लोगों से ठगी करता था. पुलिस को पता चला कि धन दोगुना करने का लालच देने वाला यह शातिर गिरोह गोंडा का है. इसका मास्टरमाइंड गोविंद निषाद है जो गोंडा के तरबगंज टेपरा चांदगंज का रहने वाला है.
कभी पत्रकार तो कभी पुलिस का रूप धरते थे ये नटवरलाल
शातिर ठग बाप-बेटे इतने माहिर थे कि इनके बोलचाल और अंदाज से बड़े बड़े धोखा खा जाते थे। इनका गिरोह कभी पत्रकार बन जाते तो कभी पुलिस टीम बनती थी। लोगों को विश्वास में लेकर अपना अंदाज दिखाते थे। यह काले कागज पर केमिकल डालकर उसे पांच सौ का नोट बना देते थे. यह लोगों को धन दोगुना करने का लालच देते थे. पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम और एसटीएफ ने शातिर ठग पिता गोविंद निषाद और पुत्र गणेश निषाद के पास से पुलिस ने 22 लाख 39 हजार 800सौ रुपए की भारी नकदी बरामद की है. इनके पास से केमिकल, एक बोलेरो गाड़ी, एक पत्रकार की फर्जी आईडी बरामद की गई है. गिरोह के तीन अन्य सदस्यों की तलाश हो रही है।
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