उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने लखीमपुर के एक सरकारी अस्पताल में शाम को प्राइवेट एंबुलेंस के जमावड़े की अखबार में छपी खबर को संज्ञान लेकर सीएमओ से 2 दिन में जवाब मांगा है, वहींलखनऊ ट्रामा सेंटर में एक व्यापारी को अपनी माँ को गोद मे लिये जाने की फ़ोटो वायरल होने पर जांच किये जाने का ट्वीट भी किया है,

- नायक फिल्म के अनिल कपूर का किरदार यूपी के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक बखूबी निभा रहे हैं, योगी 2.0 शासनकाल में सबसे पहले अगर किसी विभाग में मंत्री का खौफ फैला है तो वह स्वास्थ्य महकमा है । स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक आए दिन प्रदेश की किसी सीएससी या जिला अस्पताल में एक आम आदमी की तरह जाकर निरीक्षण कर लाइव फटकार लगा रहे हैं। अब लोग उनकी सोशल साइट की पोस्ट पर आकर फरियाद करने लगे हैं, कि ‘असली नायक’ मेरे शहर और कस्बे का अस्पताल भी देख लो.

लखीमपुर खीरी – अब्दुल सलीम खान । सालों पहले अनिल कपूर की प्रदर्शित हुई फ़िल्म नायक अगर नही देखी है, तो आप @Brajesh pathak को फ़ॉलो कर लीजिये, आये दिन आपको आज के दौर का ये असली नायक किसी अस्पताल या अफसरों को जन स्वास्थ सेवा मुहैया कराने में गलती मिलने पर उन्हें फटकारते या अच्छा काम मिलने पर अपने अफसर कर्मचारी को शाबासी देते दिख जायेगा। रविवार को लखीमपुर में एक दैनिक अखबार में ‘शाम होते ही अस्पताल में लग जाता है प्राइवेट एम्बुलेंस का जमावड़ा’ शीर्षक से छपी खबर का संज्ञान लेकर सीएमओ से रिपोर्ट तलब की है.
https://twitter.com/brajeshpathakup/status/1518166840148918274?t=Qy6vrCNzw1FJB7Q7WS9qDQ&s=19
निरीक्षण के दौरान कुर्सी पर नही बैठते डिप्टी सीएम पाठक

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक जिस जिले में अस्पताल निरीक्षण को पहुंच रहे हैं, इस बीच वह कभी अस्पताल की कुर्सी पर बैठते नहीं दिखे. उन्होंने अभी जितने भी अस्पतालों में आकस्मिक निरीक्षण किया है वहां अस्पताल के कर्मचारी, डॉक्टर और सीएमओ के साथ खड़े-खड़े ही बात करते रहे, यहां तक की महमूदाबाद, सीतापुर, कुर्सी तमाम सीएससी पर डॉक्टर कुर्सी बढ़ाते रहे, लेकिन डिप्टी सीएम बृजेश पाठक सिर्फ रजिस्टर और फ़ाइल ही चेक करते रहे, और फिर नए निरीक्षण पर चल दिए.

अब मन्त्री जी की फेसबुक पर अब अफसर भी रखते हैं नज़र






