अपडेट… लखीमपुर खीरी : किसान संगठन ने टाला प्रदर्शन, नही आएंगे राकेश टिकैत, जिलाध्यक्ष ने कहा कोर्ट का सम्मान करते हैं, इसलिये आगे बनाएंगे रणनीति,

टिकैत के धरने में शामिल होने की घोषणा से कोर्ट पहुंचा चीनी मिल, धरना प्रतिबंधित का हुआ ऑर्डर

संगठन ने टाला धरना-प्रदर्शन, मिल प्रबंधन और प्रशासन ने ली राहत की सांस

(TheUpTopVoice) लखीमपुर खीरी । गुलरिया चीनी मिल के बाहर 7 दिसंबर को आयोजित होने वाले धरना प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया है।

गुरुवार की सुबह भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह संधू ने एक सोशल मीडिया पर मैसेज डाल कर धरने को स्थगित किए जाने की बात कही है। बता दें कि एक दिन पहले 6 दिसंबर को गुलरिया चीनी मिल ने कोर्ट की शरण लेकर मिल दायरे के 500 मीटर में किसी भी तरीके के धरना प्रदर्शन पर रोक लगाने की गुहार की थी । जिस पर आए आदेश के बाद संगठन ने फिलहाल धरना स्थगित कर दिया है । दिलबाग सिंह ने कहा है कि फिलहाल धरना स्थगित किया जाता है।

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धरने की घोषणा के साथ ही पुलिस प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस और पीएसी के जवानों को मिल गेट पर लगा दिया है । उधर चीनी मिल प्रबंधन ने भी धरने प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए आज मुख्य गेट से आने जाने वाले आम लोगों के रास्ते पर रोक लगा दी है, मुख्य गेट से सिर्फ कर्मचारी और अधिकारी ही आते जाते रहे, फिलहाल आज होने वाले प्रदर्शन के चलने के बाद मिल प्रबंधन और प्रशासन ने राहत की सांस हुई है

– किसान संगठन टिकैत ग्रुप का अभी तक धरना स्थगन का नही आया बयान,

– अन्य किसान संगठन भाकियू (अराजनैतिक ) ने धरने से बनाई दूरी,

गुलरिया चीनी मिल में घटतौली और किसानों पर दर्ज मुकदमे के खिलाफ किसान संगठन के घोषित धरने पर अब संशय लग गया है, चीनी मिल ने धरना रोकने के लिए कोर्ट से गुहार लगाई थी, जिस पर एक आर्डर जारी हुआ है,

कोर्ट के आदेश की प्रति

– अब्दुल नसीम खान TheUpTopVoice लखीमपुर खीरी/गुलरिया। गुलरिया चीनी मिल में किसान संगठन के आह्वान पर बुलाये गए 7 दिसम्बर को प्रस्तावित धरना को रोकने के लिए मिल प्रशासन ने कोर्ट की शरण ली है, गुलरिया चीनी मिल की एक अपील पर कोर्ट ने मिल एरिया के क्षेत्र से 500 मीटर दूरी तक धरना करने को प्रतिबंधित कर दिया है, ऐसे में आज होने वाले प्रदर्शन पर संशय के बादल बने हुए हैं।

  • क्या रहा था मिल और किसानों के टकराव का कारण

दरअसल 29 नवम्बर को गुलरिया चीनी मिल में किसानों ने घटतौली का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया था। किसानों का आरोप था कि चीनी मिल में उनकी ट्राली में 2 कुंतल से अधिक की घटतौली हुई है। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह मौके पर पहुंचे और किसान उनकी अगुवाई में प्रदर्शन करने लगे। नाराज किसानो ने कोई हल न निकलने तक काँटा तौल भी बन्द करा दी थी। बाद में मौके पर पहुंचे एसडीएम गोला अनुराग सिंह ने किसान की ट्राली को ले जाकर धर्म काँटा से तौल भी कराई। किसान नेता दिलबाग सिंह बताया कि धर्मकांटा पर उसी ट्राली में मौके पर चीनी मिल से 80 किलो का अंतर मिला था। किसान नेता का आरोप है कि प्रशासन ने उस समय किसानों की बात नही सुनी। और 30 नवम्बर को मिल प्रबंधन की तरफ से उनकी तहरीर पर घटतौली का आरोप लगाने वाले किसान और उनके संगठन के तहसील उपाध्यक्ष धीरज कुमार और उनके परिवार के 3 सदस्यों समेत 40 से 50 अज्ञात किसानों के खिलाफ मिल बन्द कराने और संचालन में बाधा डालने समेत भय फैलाने का मुकदमा दर्ज कर दिया था।

  • मुकदमे से नाराज संगठन ने किया था धरने का ऐलान

किसानों पर दर्ज मुकदमे के कारण गुलरिया चीनी मिल के किसानों में नाराजगी फैलने लगी। वहीं भाकियू नेता दिलबाग सिंह संधू ने 1 दिसम्बर को चीनी मिल के खिलाफ धरने की घोषणा कर दी। साथ ही धरने में शामिल होने के लिए किसान नेता राकेश सिंह टिकैत के शामिल होने का दावा किया। संगठन ने घोषणा की अगर 6 दिसम्बर 2022 तक किसानों पर दर्ज मुकदमा वापस नही लिया जाता और चीनी मिल के कांटे से तौल में मिली 80 किलो का अंतर पर प्रशासन कार्रवाई नही करता, तब तक किसान धरना प्रदर्शन करते रहेंगे।

  • मुकदमा वापस कराने में सामने आए विधायक अमन गिरी
विधायक अमन गिरी के साथ एसडीएम और सीओ गोला प्रेसवार्ता में

धरना प्रदर्शन की घोषणा से प्रशासन और मिल प्रबन्धन इस प्रदर्शन को रोकने की जुगत में लग गए, संगठन का दावा है कि प्रशासन ने किसान संगठन से प्रदर्शन न करने को कहा। आखिरकार 4 दिसम्बर 2022 को विधायक अमन अरविन्द गिरी ने एसडीएम गोला, सीओ गोला , मिल के यूनिट हेड के साथ रात 8 बजे सँयुक्त प्रेसवार्ता कर मुकदमा वापस लेने की घोषणा की। साथ ही किसानों से आंदोलन स्थगित करने को कहा और औचित्यहीन बताया। कहा कि किसानों की जब मांग मान ली गई है, तो धरने का अब कोई मतलब ही नही। हालांकि किसान संगठन इस बात पर अड़े रहे कि इस मीटिंग में उनके संगठन या कोई किसान शामिल नही था, वही 80 किलो की घटतौली पर प्रशासन कार्रवाई क्यों नही कर रहा।

– किसान संगठन (टिकैत) ने धरना स्थगन की नही की घोषणा

भाकियू (टिकैत) संगठन की तरफ से धरना स्थगन का कोई भी बयान नही आया है। इस बाबत की जानकारी के लिए जब किसान नेता दिलबाग सिंह संधू को फोन किया गया , तो उनका फोन नही लग सका। माना जा रहा है सुबह प्रशासन गुलरिया में मुस्तैद रहेगा।

वहीं भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) जिला उपाध्यक्ष जसवंत सिंह चहल ने घोषणा की है कि उनका संगठन कोर्ट का सम्मान करते हुए फिलहाल धरने में शामिल नही है। लेकिन संयुक्त किसान की बैठक होने के बाद जो रणनीति बनेगी, उसमें उनका संगठन किसानोँ के साथ है।

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