
ट्रायल कोर्ट ने इससे पहले अप्रैल 2016 में सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसके बाद दोषी पुलिसकर्मियों ने सज़ा के खिलाफ अपील की थी। जिसमे अधिवक्ता ने बताया कि मारे गए कई सिखों पर लूट, हत्या और टाडा के तहत मुकदमे दर्ज थे। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को निरस्त कर सज़ा घटा दी। और सात-सात साल की सज़ा सुनाई है।

टीम डिजिटल (TheUpTopVoice) . पीलीभीत जिले में साल 1991 में सिख समुदाय के लोगों से भरी बस को रोककर उसमे से 11 लोगों को उतारा गया था। जिसमे एक बच्चा भी था। 10 लोगों को पुलिस ने पीलीभीत जिले के अलग अलग इलाके में ले जाकर उनके साथ मुठभेड़ दिखाकर उनका इनकाउंटर कर दिया था। बच्चे का अभी तक पता नही चला है। बस में बच्चे और महिलाएं भी थीं। अपीलार्थियों की ओर से दलील दी गई कि मारे गए दस में से बलजीत सिंह उर्फ पप्पू, जसवंत सिंह, हरमिंदर सिंह उर्फ मिंटा तथा सुरजन सिंह उर्फ बिट्टू खालिस्तान लिब्रेशन फ्रंट के आतंकी थे। इसके साथ ही उन पर हत्या, डकैती, अपहरण व पुलिस पर हमले जैसे जघन्य अपराध के मामले दर्ज थे।
न्यायालय ने कहा कि दोषियों या अपराधिक इतिहास वालों के साथ निर्दोषों की हत्या को जायज नही ठहराया जा सकता। न्यायालय ने आगे कहा कि इस मामले में अपीलार्थियों और मृतकों के बीच कोई दुश्मनी नहीं थी। अपीलार्थी सरकारी सेवक थे और उनका उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखने का था। न्यायालय ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि अपीलार्थियों ने इस मामले में अपनी शक्तियों का आवश्यकता से अधिक इस्तेमाल किया लेकिन उन्होंने यह इस विश्वास के साथ किया कि वे अपने विधिपूर्ण और आवश्यक दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। न्यायालय ने कहा कि इन परिस्थितियों में अपीलार्थियों को आईपीसी की धारा 302 में नहीं बल्कि सिर्फ ,धारा 304 पार्ट 1 में दोषी करार दिया जा सकता है। ऐसे में उनकी पूर्व की सज़ा को घटाने का निर्णय दिया।
दोषी घोषित हुए पुलिस कर्मियों के नाम श्याम बाबू, बनवारी लाल, रमेश चंद्र भारती, वीरपाल सिंह,गयाराम, रजिस्टर सिंह, दुर्विजय सिंह पुत्र दिलाराम, हरपाल सिंह, राम चंद्र सिंह,नत्थू सिंह, सुगम चंद, कलेक्टर सिंह, कुंवर पाल सिंह, दिनेश सिंह, सुनील कुमार दीक्षित, अरविंद सिंह, राम नगीना, विजय कुमार सिंह, उदय पाल सिंह, मुन्ना खान, दुर्विजय सिंह पुत्र टोडी लाल, राजेंद्र सिंह, ज्ञान गिरी, लखन सिंह, नाजिम खान, नारायन दास, कृष्णवीर, करन सिंह, राकेश सिंह, नेमचंद्र, शमशेर अहमद व शैलेंद्र सिंह फिलहाल जेल में हैं। वहीं जमानत पर चल रहे देवेंद्र पांडेय, मोहम्मद अनीस, वीरेंद्र सिंह, एमपी विमल, आरके राघव, सुरजीत सिंह, राशिद हुसैन, सैयद आले रजा रिजवी, सत्यपाल सिंह, हरपाल सिंह व सुभाष चंद्र को हिरासत में लेने का आदेश कोर्ट ने दिया है। अपील के विचाराधीन रहते दौरान अपीलार्थियों दुर्गापाल, महावीर सिंह व बदन सिंह की मृत्यु हो चुकी थी।





