किसानों को नए सत्र में प्रति ट्राली 7 हजार भुगतान करने पर राजी हुई बजाज की गन्ना मिलें,

भारतीय किसान यूनियन (राजनैतिक) के 4 दिन चले धरना के बाद निकला भुगतान का रास्ता, पुराना गन्ना भुगतान अब एक दिन का रोजाना प्रेषित करती रहेंगी मिलें

किसान संगठन और जिला गन्ना अधिकारी , मिल प्रतिनिधियों के बीच वार्ता

लखीमपुर खीरी (Theuptopvoice)। गन्ना भवन पर 22 दिसम्बर से भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के बाद मिल प्रबंधक अब किसानों को नए सत्र में हर पर्ची पर सात हजार रुपये देने पर राजी हो गया है। प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे मिल अधिकारियों और जिला गन्ना अधिकारी के मध्य हुई वार्ता के बाद बनी सहमत से रविवार को देर शाम धरना समाप्त हो गया। साथ ही संगठन ने चेताया कि अगर ये लागू नही हुआ तो बड़ा प्रदर्शन होगा।

भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) जिलाध्यक्ष कुलवन्त सिंह जोशन ने कहा कि किसान सिर्फ अपना हक मांग रहा है, उन्हें अपने बच्चों की पढ़ाई, बेटे बेटियों की शादी के अलावा बैंक से और बनियों से लिए कर्ज का बोझ नही संभाला जा रहा है, ऐसे में मिल मालिकान उनका बकाया दे दें, तो वो सुकून और सिर ऊंचा कर बाजार से और बैंक से गुजर सकें।

लगातार आंदोलन की धधक रही आग, किसान तालाबंदी के मूड में हैं किसान

दरअसल लखीमपुर खीरी की 9 चीनी मिलों में 3 चीनी मिल बजाज की हैं, पलिया, गोला और खंभार खेड़ा में लगी बजाज की मिलों पर किसानों का करीब 400 करोड़ से ज्यादा का बकाया है, इन किसानों को पिछले पेराई सत्र 2021-22 का बकाया नही मिल सका था, कि इधर 45 दिन से चल रही मिलों से नए सत्र का भी एक पैसा नही मिला है. ऐसे हालात में किसान पलिया में पिछले 5 दिन के दो बार आन्दोलन कर चुका है, गोला में मिल पर बड़े प्रदर्शन की तैयारी जनवरी 23 में हो रही है. पलिया में किसान बगैर किसी संगठन के मिल बन्द करा चुके हैं, वहीं गोला में 5 जनवरी से मिल बन्द कराने की एक सन्गठन ऐलान कर चुका है.

भकियू (अराजनैतिक) ने 22 दिसम्बर से DCO कार्यालय के समक्ष कर रहा था प्रदर्शन

भकियू (अराजनैतिक) संगठन के बैनर तले किसान 22 दिसम्बर से बकाया भुगतान समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे,

  • क्या है संगठन की मांगे, किन मांगो पर बनी सहमति
  • किसानों को बजाज पिछला बकाया तुरन्त भुगतान करे, नए पेराई सत्र में 14 दिन के अंदर भुगतान सुनिश्चित करे, साथ ही राज्य सरकार नए सत्र में गन्ना मूल्य निर्धारण करे, अभी तक किसान बगैर मूल्य जाने मिलों को गन्ना सप्लाई कर रही है.
  • संगठन और मिल अफसरों के बीच इन मांगों पर बनी सहमति

– किसान धरना प्रदर्शन में जिला गन्ना अधिकारी वेद प्रकाश सिंह और पलिया, खंभारखेड़ा, बजाज चीनी मिल अधिकारियों के बीच मध्य हुई वार्ता में तय हुआ कि पुराना गन्ना भुगतान अब चीनी मिल सोमवार से प्रतिदिन का प्रेषित करती रहेंगी, साथ ही नवीन सत्र 2022- 2023 का गन्ना भुगतान किसानों को प्रति ट्राली 50 कुंटल पर ₹7000 और 20 कुंटल पर ₹2000 प्रेषित करेंगे। वहीं गन्ना मूल्य निर्धारण 30 दिसम्बर तक घोषित होने का अनुमान बताया।

बजाज की चीनी मिल के जीएम (केन) और जिला गन्ना अधिकारी वार्ता के बीच मौजूद

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