खीरी में फिर से धरना देने की टिकैत की चेतावनी, किसानों की बर्बादी देख टिकैत ने सरकार को चेताया !

चौधरी राकेश टिकैत

महेशपुर रेंज में जंगली हाथियों से किसान की फसल उजाड़ने के मामले को गंभीरता से न लेने पर भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर सरकार से अपील की है.

अब्दुल सलीम खान

लखीमपुर खीरी (theuptopvoice) । महेशपुर रेंज एरिया में जंगली हाथियों के किसानो की फसल रौंदने और किसानो पर हमले से मौत के मामले को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने जिला प्रशासन को चेताया है. भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने इस मामले में 2 ट्वीट किए हैं.

https://twitter.com/RakeshTikaitBKU/status/1607443394976182272?t=v8GGUSu4RgsBDsx325TXhw&s=19

राकेश टिकैत ने अपने ट्वीट में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए लिखा है,

“खीरी के गोला तहसील में नेपाल के 40 हाथियों का झुंड तबाही मचाए है। दो किसानों को कुचला, हजारों बीघा फसल नष्ट की। प्रशासन सुध नहीं ले रहा। योगी सरकार से अपील कि हाथियों को वापस भेजने और फसल के मुआवजे की व्यवस्था हो, वरना भाकियू आंदोलन को मजबूर होगी।” राकेश टिकैत ट्वीट

इस ट्वीट में किसान नेता ने प्रशासन पर आरोप लगाया है. कि किसानो की कोई सुधि नहीं ले रहा है. दूसरे ट्वीट में भी किसानो के साथ न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को मामले के संज्ञान लेने को कहा है.

“खीरी में हाथियों ने पूरी तरह से किसानों की फसले बर्बाद कर दी है, ऐसे में किसानों को जान और माल दोनों बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
@myogiadityanath मामले को संज्ञान में लेकर किसानों को न्याय दिलाने का कार्य करे।”

दरअसल पिछले दो माह से अधिक बीत जाने के बाद भी महेशपुर रेंज में जंगली हाथियों से किसानो को छुटकारा नही मिल सका है, किसान लगातार अपनी फ्सलों को हाथियों के दल से बचाने के लिए जान हथेली पर लेकर दिन और रात खेत की रखवाली करने में लगे हैं. लेकिन जंगली हाथियों के झुंड अब फसल ही नही रौंद रहे बल्कि किसानों की जान तक ले रहे हैं. कुछ दिनों से हाथी किसानो के गांव तक आ गए हैं.

किसान संगठन कर चुका है धरना प्रदर्शन

महेशपुर रेंज में हाथियों के किसानों की फसल रौंदने के मामले में भाकियू (टिकैत) जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह पिछले एक माह में दो बार धरना कर चुके हैं, वहीं किसानो में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है. जिम्मेदार लगातार किसानों को सिर्फ आश्वासन दे पाए हैं, किसानो की इस समस्या का हल नही निकल सका है.

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