प्रसिद्ध समाज सुधारक और दलित चिंतक संत गाडगे का जन्म दिवस मनाया गया. दीन-दुखियों तथा उपेक्षितों की सेवा को ही वे ईश्वर भक्ति मानते थे। धार्मिक आडंबरों का उन्होंने प्रखर विरोध किया। उनका विश्वास था कि ईश्वर न तो तीर्थस्थानों में है और न मंदिरों में व न मूर्तियों में। दरिद्र नारायण के रूप में ईश्वर मानव समाज में विद्यमान है।

लखीमपुर खीरी (TheUpTopVoice)। बाबा संत गाडगे का 154 वां जन्म दिवस कार्यक्रम शहीद नसीरुद्दीन मेमोरियल हाल में मनाया गया।

कार्यक्रम की अगुवाई संत गाडगे सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्रीराम दलित व समता मंच के अध्यक्ष श्री कृष्ण वर्मा ने की। कार्यक्रम में पूर्व एमएलसी शशांक यादव, सपा जिला अध्यक्ष रामपाल सिंह यादव, सपा जिला महासचिव अंसार महलूद, वाईडी कॉलेज के पूर्व प्रवक्ता डॉ एनएल वर्मा समेत तमाम लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान संत गाडगे द्वारा किए गए कामों पर चर्चा की गई और उन्हें याद किया गया।





