…तो आखिर किस चिट्ठी की बात कर रहे लोग, क्या लिखकर गए हैं अमरीक सिंह अपनी आत्महत्या की वजह

खीरी जिले के बिजुआ निवासी अमरीक सिंह बिट्टू की आत्महत्या मामले में नया एंगल सामने आया है, चर्चा है कि मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमे उन्होंने उन परिस्थितियों का जिक्र किया है जिस कारण उन्हें इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा.

अमरीक सिंह बिट्टू का फाइल फोटो

लखीमपुर खीरी (theuptopvoice). खीरी जिले के गोला तहसील के लौकहा निवासी बिजुआ के पूर्व प्रधान अमरीक सिंह बिट्टू की आत्महत्या के मामले में एक सुसाइड नोट मिलने की चर्चा जोरों पर है. हालांकि पुलिस इस मामले में अभी कुछ भी कहने से इंकार कर रही है, लेकिन उनके दरवाजे पर बैठे सैकड़ों लोगों में ये चर्चा आम है, सुसाइड नोट में खुद को ब्लैकमेल किए जाने की बात बताई जा रही है, पुलिस पूरा दिन पड़ोसी गांव की खाक छानती रही.

इतने जीवट इंसान ने कैसे उठाया ये कदम, लोग बोले उनका रोबिनहुड चला गया

दरवाजे पर बैठी भीड़ में ये ही रही चर्चा, किसी से गम बांटा होता

बिजुआ के कांग्रेसी परिवार स्व. राजा हरभजन सिंह के पुत्र अमरीक सिंह को लोग बिट्टू भैया के नाम से बुलाते थे. पत्नी की पहले मौत हो चुकी है, उनके दो बेटियां और बेटा है. बड़ी बेटी आस्ट्रेलिया मे है, छोटी बेटी का ब्याह जालंधर से कर दिया था. बेटा कनाडा में है. यहां गांव में 87 साल की बुजुर्ग मां कुंदन कौर के साथ बड़ी की कोठी में रहते थे. भीरा कस्बे में बहन और बहनोई हैं, जो बुजुर्ग मां की देखभाल के लिए रात को अक्सर लौकहा आकर रुक जाते थे. रविवार को भी बहन आ गईं थी।उन्होंने रात को बिट्टू से मां वाले कमरे में ही लेटने को कहा, लेकिन वो दूसरे कमरे में चले गए.और अगली सुबह जब देर तक कमरा नही खुला तो घर में मौजूद लोगों ने खिड़की से झांक कर देखा तो उनका शव कमरे में पंखे से लटकता हुआ मिला. जिसने भी सुना वो सुबह उनके घर की और दौड़ पड़ा, आस पास के रहने वाले लोग बोले कि उनका सरपरस्त आज चला गया.

यहीं मिला शव: इस कोठी में अपनी मां के साथ रहते थे अमरीक सिंह बिट्टू,

दो दिन पहले नदी किनारे किसी विवाद और फैसले की सामने आ रही बात

ग्रामीण बताते हैं कि शारदा नदी में किनारे जमीन पर लगी प्लेज (तरबूज, ककड़ी, की खेती)पर पडोसी गांव के कुछ लोगों से विवाद हुआ था, जिसका फैसला भी रखा गया था, उस फैसले के दौरान वो काफी उलझे और परेशान नजर आए थे.

लोगों में यही चर्चा, कि इतना मजबूत इंसान कैसे हार गया जिंदगी की लड़ाई

अमरीक सिंह उर्फ बिट्टू भैया प्रमुख गन्ना उत्पादक किसान थे, अकेले रहने के बावजूद वो अपनी पूरी खेती खुद ही संभालते थे,साल 2017 में वो उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा गन्ने का उत्पादन कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों पुरस्कार पा चुके थे. कई बार जिले से भी उन्हें गन्ना उत्पादन में खिताब मिला था, उनकी माता कुंदन कौर, पत्नी समेत वो खुद भी बिजुआ ग्राम पंचायत के प्रधान रह चुके थे. मौजूदा समय में वो गन्ना समिति के डायरेक्टर और गुलरिया गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन भी थे, बिट्टू काफी खुश मिजाज और सामाजिक व्यक्ति थे.

… आस्ट्रेलिया से आ रही बेटी का हो रहा इंतजार, 31 मई को अंतिम संस्कार,

अमरीक सिंह का शव पोस्टमार्टम होकर सोमवार को 2 बजे ही गांव आ गया था, लेकिन उनके पुत्र पुत्रियों में कोई भी उनके पास नही था। बेटे को विदेश से आना मुश्किल माना जा रहा है, लेकिन उनकी दोनो पुत्रियों का इंतजार किया जा रहा है, मृतक के भांजे शनि ने बताया कि 31 मई सुबह को शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा,

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