बझेड़ा गांव में हालात अचानक नही बदले, फिर एक माह से गांव के लोगों को आशंका थी कि जिस तरह नदी घूम रही है, उससे गांव को नदी से खतरा हो जाएगा। एक माह पहले क्षेत्रीय विधायक अमन गिरी के सामने भी ग्रामीणों ने इस आशंका को जताया था, हाल ही में एसडीएम भी गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने बंधा को पश्चिम में बढ़ाने की फरियाद की थी,

लखीमपुर खीरी (Theuptopvoice)। तहसील गोला इलाके के बझेड़ा गांव में शारदा नदी का पानी तेजी से गांव की तरफ बढ़ रहा है, पिछले 24 घंटे में शारदा नदी ने खेतों को काटकर बंधे से पहले ही गांव की तरफ बढ़ चली है। मंगलवार को गांव पहुंचे एसडीएम रत्नाकर मिश्रा ने गांव को पूरी तरह सुरक्षित बताया है।
बझेड़ा में आबादी एवं कटावरोधी परियोजना पूरी तरह सुरक्षित : एसडीएम
निरीक्षण के दौरान एसडीएम व सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अफसरों व उनकी टीम ने पाया कि नदी की धारा बजेड़ा गांव से अपस्ट्रीम में लूप बनाते हुए दबाव बनाए है। नदी की धारा गांव की आबादी से दूर है परंतु नदी ओवरफ्लो होने से निचले इलाकों में आंशिक जलभराव हो गया है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के ईई राजीव कुमार ने बताया कि एहतियातन गांव की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी की जा रही हैं। अफसरों को निरीक्षण में आबादी एवं कटावरोधी परियोजना पूरी तरह सुरक्षित मिली।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को आबादी को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यकतानुसार फ्लड फाइटिंग का कार्य करवाए जाने का स्पष्ट निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम ने मौजूद ग्रामीणों से संवाद किया। निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार सर्वेश यादव, बाढ़ खंड के अवर अभियंता बलराम गुप्ता सहित राजस्व, सिंचाई एवं जल संसाधन, स्वास्थ्य एवं अन्य संबंधित विभाग मौजूद रहे।

बाढ़, कटान क्षेत्रों में भ्रमणसील रहकर हर गतिविधि पर रखे पैनी निगाह : डीएम
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि आवश्यकतानुसार रिजर्व सामग्री यथा ईसी बैग, नायलॉन क्रेट, नारियल रस्सी, बम्बू इत्यादि भी उपलब्ध है। अफसरों को बाढ़ एवं कटान क्षेत्रों में सतत भ्रमण सील रहते हुए हर गतिविधि पर पैनी निगाह रखने के लिए निर्देश दिए हैं। जिले में कहीं भी बाढ़ कटान की सूचना प्राप्त होने पर क्विक रेस्पॉन्ड करते हुए आवश्यकतानुसार आपातकालीन कार्य कराये जाये। जिले में बाढ़ एवं कटान क्षेत्र में सतत भ्रमण व संरचनाओं की निगरानी की जा रही है, जिसके कारण जनपद में अवस्थित समस्त तटबन्ध एवं कटावरोधी परियोजनायें सुरक्षित एवं पूर्ण प्रभावी हैं। जिला प्रशासन बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पैनी निगाह रखे हुए है।





