कर्ज से घिरे किसान की मौत, बैंक कर्मचारियों पर बेइज्जत करने का आरोप, गांव पहुंचे किसान नेता

लखीमपुर तहसील के जमालपुर गांव निवासी छोटेलाल ने 2010 में लखीमपुर की बैंक से 60 हजार का लोन लिया था, जो की बढ़कर 3 लाख हो गया। जिसे वसूलने के लिए मंगलवार को बैंक अधिकारी गांव पहुंचे बताया जाता बैंक अधिकारियों ने सरेआम बेइज्जत किया। जिससे उन्हें सदमा लगा और वह गिर गए आनन फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया. पुत्र के मुताबिक बेइज्जत किए जाने से उन्हे हार्ट अटैक पड़ गया और उनकी मौत हो गई.

मृतक किसान का फाइल फोटो

लखीमपुर खीरी (theuptopvoice).लखीमपुर खीरी जिले में कर्जा वसूलने आए बैंक अधिकारियों की प्रताड़ना से एक दलित किसान की सदमे में जान चली गई. किसान ग्राम पंचायत का प्रधान भी रह चुका है. किसान पर भूमि विकास बैंक का कर्जा था, जिसे वसूलने के लिए गांव पहुंचे बैंक अधिकारी ने किसान को गांव के लोगों के सामने सरेआम बेइज्जत किया. यहीं नहीं अपने साथ अपनी गाड़ी में बिठाकर 3 घंटे घुमाते रहे, जिससे सदमे के चलते उनकी हालत बिगड़ गई, और बैंक कर्मचारी 500 रुपए लेकर उन्हे घर के बाहर उतार कर चले गए,

60 हजार लोन था, 3 लाख वसूलने आए थे बैंक अधिकारी

हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव जमालपुर कोडरी निवासी छोटेलाल गांव के प्रधान भी रह चुके हैं। छोटेलाल ने 2010 में भूमि विकास बैंक लखीमपुर खीरी से खेती किसानी के लिए 60 हजार का कर्ज लिया था. छोटेलाल के पुत्र गोपीचंद ने बताया कि लगातार खेती में घाटा और फसलों के आवारा पशुरों के चर जाने के कारण उनके पिता बैंक का कर्ज नहीं उतार पाए, इधर चीनी मिल भी किसानों को समय से पैसा नहीं दे पा रही, जिससे अलग से कर्ज लेकर खेती की जा रही है.

आरोप: सरेआम बेइज्जत कर किसान को बिठाया गया जीप में

मृतक किसान के पुत्र गोपीचंद का आरोप है कि मंगलवार 12 सितंबर को बैंक के अधिकारी औरउनके साथ कुछ प्राइवेट के लोग एक बोलेरो से आए और दरवाजे पर रुकते ही पिताजी को अनाप-शनाप कहने लगे पिता जीने काफी मिन्नते की. लेकिन वह लोग उनके पिता को अपनी गाड़ी में बिठाकर ढाई घंटे तक घुमाते रहे. बाद में गांव वालो के बीच में पड़ने पर जेब खर्च के नाम पर 500 रुपए ले लिए,तब पिता जी को छोड़ा. साथ ही पिता को धमकाते हुए गए कि अगर 10 दिन में बैंक का पैसा नहीं जमा किया तो वह खेत नीलाम कर देंगे . यह सुनकर उनके पिता को सदमा लगा और उनकी तबीयत खराब हो गई. बैंक वाले पिता की हालत देख कर मौके से भाग गए. परिवार के लोग छोटेलाल को अस्पताल लेकर गए जहां उनकी मौत हो गई. परिवार वालों का आरोप है की बैंक वालों की धमकी और पूरे गांव के सामने बेइज्जत किए जाने से उनके पिता को गहरा सदमा लगा जिससे उनकी हृदयाघात से उनका निधन हो गया. दरअसल किसान छोटेलाल का गांव क्षेत्र में लोकल राजनीति के लिए एक इज्जतदार नाम था आसपास गांव के लोग अपने फैसले कराने के लिए उनके पास आया करते थे. लेकिन बैंक वालों के सरेआम बेइज्जती करने से छोटेलाल को गहरा सदमा लगा.

सुबह से पहुंचने लगे किसान नेता, मौत का बैंक अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार

किसान की मौत की खबर सुनकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप के जिला अध्यक्ष दिलबाग सिंह गांव पहुंचे,भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष अंजनी दीक्षित, राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन के श्रीकृष्ण वर्मा भी गांव पहुंचे। किसान नेताओं ने बैंक अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की.र भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक का एक प्रतिदिन मंडल भी गांव पहुंचा है।

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