पड़रिया तुला के ठाठ नानकसर गुरुद्वारा में मनाया जा रहा था तीन दिवसीय सालाना समागम। जिसमे मानवता और देश के लिए अरदास की गई,कार्यक्रम में करीब 500 प्राणियों को कराया गया अमृतपान।

लखीमपुर खीरी / पड़रिया तुला। लखीमपुर खीरी जिले के पड़रिया तुला के ठाठ नानकसर गुरुद्वारा में संत महापुरुष बाबा ईशर सिंह जी की बरसी के उपलक्ष्य में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी तीन दिवसीय सालाना समागम बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। जिसमे कई प्रदेश से पहुंचे संतो, रागी,ठाडी, कविशरी जत्थों ने अपनी अपनी वाणी से जिले के अलावा अन्य जिलों से आई हजारों की संगत को निहाल किया।सोमवार के दिन भारी बारिश का संगत पर कोई असर नही दिखा,संगत लगातर मत्था टेक वाणी सुनती रही। प्राणियों को अमृत छकाने के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया।

कस्बे के ठाठ नानकसर गुरुद्वारा साहिब में बाबा ईशर सिंह जी याद में चल रहे तीन दिवसीय सालाना समागम में पहुंचे संत बाबा सुखचैन सिंह लालपुर उत्तराखण्ड,संत बाबा सुरजन सिंह जी मल्लपुरी,संत बाबा काल सिंह कौड़ियाला घाट,बाबा रजेंद्र सिंह बरेली,बाबा जोगा सिंह लौकिहा,बाबा पाल सिंह अमीरनगर के अलावा रागी,कविशरी,ठाडी जत्थे में पंजाब से आये धर्मवीर सिंह,तरसेम सिंह,सर्वजीत सिंह कलेर ने अपनी अपनी हाजरी भरते हुए तीन दिन तक लगातार दिन रात तक चले कार्यक्रम में आई संगत को अपनी वाणी से निहाल करते रहे। ठाठ नानकसर गुरुद्वारा साहिब के सेवक बाबा गुरुमीत सिंह ने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में पहले दिन ईलाके की सुख शांति के लिए 21 दिनों से चल रहे महा सम्पट पाठ का बहुत ही सुंदर तरीके से समापन किया गया। दूसरे दिन खुले पंडाल में दीवान सजाने के बाद पूरे दिन पूरी रात कार्यक्रम में पहुंचे संत बाबाओं द्वारा संत महा पुरुष बाबा ईशर सिंह जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए गुरुओं द्वारा बताए गए रास्ते पर संगत को चलने का सन्देश दिया। वहीं सोमवार को सालाना समागम के अंतिम दिन कार्यक्रम समापन के मौके पर सुबह से ही जिले के अलावा सीतापुर,शाहजहांपुर,बरेली, पीलीभीत,हरदोई,बहराईच से भारी तादात में पहुंची संगत जोरदार बारिश होने के बाद भी खुले पंडाल में सजे दीवान के सामने मत्था टेक अपनी अपनी अरदास रखती नजर आई। तीन दिन के कार्यक्रम के दौरान संगत के लिए अनवरत गुरु का अटूट लंगर चलता रहा। कार्यक्रम समापन पर करीब 500 सौ प्राणियों को अम्रत छकाया गया।





