यहां कांग्रेस के पूर्व विधायक को हुई दो साल की सजा, और अदा करना होगा जुर्माना भी,

कांग्रेस पार्टी से निघासन विधानसभा से दो बार विधायक रहे सतीश अजमानी को एमपी एमएलए कोर्ट ने 25 साल पुराने मामले में दो साल की सजा सुनाई हैं, उन पर दुधवा के वन विभाग की जमीन पर कब्जा करने का आरोप था.

लखीमपुर खीरी (theuptopvoice)। उत्तर प्रदेश के निघासन विधानसभा (अब पलिया और निघासन ) से साल 1980 और 1985 में विधायक रहे कांग्रेस के aicc मेंबर सतीश अजमानी को लखीमपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने 2 साल की सजा के साथ जुर्माना भी लगाया है. उन पर साल 1997 में वन विभाग की जमीन पर कब्जा कर ट्रांसपोर्ट चलाने जाने का मामला दर्ज हुआ था. 25 साल पुराने मामले में सजा हुई है.

लखीमपुर एमपी एमएलए कोर्ट की सीजीएम मोना सिंह ने कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक को दो साल की सजा और 20 हजार का जुर्माना लगाया है.

वन विभाग की जमीन पर कब्जा करने के मामले में पूर्व विधायक पूर्व विधायक सतीश अजमानी को कोर्ट ने सुनाई 2 वर्ष कारावास की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है, दुधवा टाइगर रिजर्व के गौरीफंटा रेंज की वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा करने में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का पूर्व विधायक सतीश अजमानी पर 1997 में दर्ज मुकदमा दर्ज हुआ था,

पूर्व में अदालत में हाजिर न होने पर वारंट हो चुका था जारी

लखीमपुर खीरी की निघासन विधानसभा के पूर्व कांग्रेस विधायक सतीश अजमानी पर दुधवा नेशनल पार्क की जमीन पर अवैध तरीके से किए गए कब्जे को न छोड़ने को लेकर पार्क प्रशासन ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें विधायक सतीश आजमानी सहित तीन और लोग नामजद थे। वहीं, इस मामले में सुनवाई के दौरान पूर्व विधायक की ओर से न्यायालय में हाजिर न होने पर अदालत से वारंट का आदेश हो गया था। 21 अप्रैल को पूर्व विधायक ने एमपी-एमएलए कोर्ट में हाजिर होकर वारंट को निरस्त करने की अर्जी दाखिल की थी, जिसमें कोर्ट ने पूर्व विधायक को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया था और बाद में एक दिन बाद जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली थी।

सांसद-विधायक अदालत में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) मोना सिंह ने सतीश अजमानी को भारतीय वन अधिनियम और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई और उनपर 20,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया।

उन्होंने कहा कि विशेष अदालत ने अन्य दो सह-दोषियों मुन्ना लाल और सुनील कुमार को भी एक-एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनायी और उनपर 10500-10500 रुपये जुर्माना लगाया।

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