
लखीमपुर खीरी जिले में मुंह से गुब्बारा फुलाते समय एक बच्चे के गले में फंस गया, जिससे दो साल के मासूम बच्चे की दम घुटने से मौत हो गई परिवार के लोग बच्चे को सांस न लेने से तड़पता देख रहे थे, लेकिन वह समझ नहीं पा रहे थे कि इसके पीछे कारण क्या है.
लखीमपुर खीरी (theuptopvoice)। लखीमपुर खीरी जिले के खीरी में खेल के दौरान ऐसी घटना घटी कि एक मासूम बच्चे की मौत हो गई. दरअसल दो साल का मासूम घर में ही पड़ा गुब्बारा फुलाने की कोशिश कर रहा था, इस बीच गुब्बारा सांस नली में जा फंसा. इससे बच्चे की मौत हो गई. घटना के बाद से परिवार में मातम छाया हुआ है.
खीरी कस्बे के मोहल्ला बाजार निवासी रविंद्र कुमार का दो साल का बेटा गुब्बारे से खेल रहा था, गुब्बारा में हवा भरने के दौरान वो मुंह में ही फट गया. और उसके गले में जाकर थोड़ा हिस्सा फस गया कुछ देर में युग को खांसी आने लगी और वह सांस लेने में उसे तकलीफ होने लगी, परिवार के लोग इस बात को समझ नहीं पाए, उसे डॉक्टर के पास लेकर गए,तब तक युग की मौत हो चुकी थी।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आरए खान ने बताया कि गुब्बारा रबड़ का होने से वो फटने के बाद गले से चिपक जाता है। अगर किसी बच्चे ने गुब्बारा निगल लिया है और गले में फंस गया है तो तत्काल डॉक्टर के पास ले जाएं। डॉक्टर के पास पहुंचने से पहले बच्चे को बचाने के लिए खुद भी प्रयास कर सकते हैं। कुछ ऐसा करें कि जिससे बच्चे को खांसी आ जाए। खांसी के झटके से गुब्बारा बाहर निकल सकता है। अगर बच्चा थोड़ा बड़ा है तो उसको पीछे से पकड़ लें और ऊपर की ओर झटका मारे, इससे बच्चे को खांसी आ जाएगी और गुब्बारा बाहर निकल जाएगा। अगर बच्चा बहुत छोटा है तो उसको हाथ पर पेट के बल लिटा लें और उसकी पीठ पर थपकी मारें, इससे भी गुब्बारा निकलने की संभावना है। गुब्बारा के अलावा भी अगर गले में कुछ फंस जाता है तो भी इन विधियों का इस्तेमाल करें। कोशिश करें कि बच्चों को कोई भी ऐसी चीज न दें, जिससे समस्या पैदा हो।





