महिला का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न कानूनी अपराध  : एडीजे

[adsforwp id="60"]

महिला कर्मचारी का किसी भी कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न कानूनी अपराध है। लैंगिक उत्पीड़न ( निवारण ,प्रतिषेध और प्रतितोष )एक्ट 2013 के तहत जागरूकता शिविर में मुख्य अतिथि विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एडीजे दीपेंद्र कुमार सिंह ने महिला कर्मचारियों को कानूनी जानकारी दी.

पाश एक्ट के तहत जागरूकता शिविर में महिलाओं को कानूनी जानकारी देते विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एडीजे दीपेंद्र कुमार सिंह



लखीमपुर (खीरी) ।  मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न ( निवारण ,प्रतिषेध और प्रतितोष )एक्ट 2013 के तहत जागरूकता शिविर में मुख्य अतिथि विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एडीजे दीपेंद्र कुमार सिंह ने महिला कर्मचारियों को कानूनी जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी कार्यस्थल पर किसी भी तरह का महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न नही किया जा सकता है।

किसी भी सरकारी,अर्धसरकारी , संगठन, उपक्रम,संस्था, कम्पनी,सहकारी सोसाइटी जिसमे दस से अधिक महिलाएं कार्य करती है।पाश एक्ट के तहत एक आंतरिक परिवाद समिति का गठन किया जाएगी। पीड़ित महिला सबसे पहले आंतरिक परिवाद समिति के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करायेगी। महिला शारीरिक या मानसिक असमर्थता के कारण अगर परिवाद दाखिल करने में असमर्थ है तो ऐसी स्थिति में उसका विधिक वारिस भी परिवाद दे सकता है। परिवाद में सुलह समझौते से निस्तारण कराया जा सकता है।लेकिन सुलह में कोई धन का लेनदेन नही होगा। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद,

इस मौके पर सीएमएस ज्योति मेहरोत्रा, डिप्टी सीएमओ धनीराम, प्रोबेशन अधिकारी सुनील निगम , सी ओ ,अधिवक्ता मो0 सईद खान समेत दर्जनों महिला पुलिस कर्मी मौजूद रही।

Leave a Comment

[adsforwp id="47"]