
भीरा थाना इलाके के रायपुर गांव के युवक की बुधवार की रात गुलरिया मिल केन यार्ड में मौत हो गई थी. परिवार के लोग मिल अधिकारियों पर सुरक्षा में कमी और लापरवाही का आरोप लगाकर अंतिम संस्कार रोक दिया था, गांव में 24 घंटे से छाए मौत के मातम के बीच शव रखा हुआ था, सूचना पर मौके पर किसान संगठन के जिलाध्यक्ष समेत भाजपा नेता पहुंचे। परिवार के लोग मिल के अफसरों पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाकर तहरीर दी थी, जिस पर मुकदमा दर्ज हुआ, बाद में शव को हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया गया.

रायपुर गांव निवासी आशीष गुलरिया मिल में गांव के परशुराम का गन्ना लेकर अपनी ट्रैक्टर ट्राली से तौल कराने गया था, बुधवार – गुरुवार की मध्यरात्रि को उसका शव ट्राली के नीचे मिला था। इस मामले में गुरुवार को शव गांव पहुंचा तो परिवार के लोग अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। उनकी मांग थी कि शव का मिल अफसरों पर सुरक्षा में लापरवाही मानते हुए मुकदमा दर्ज किया जाए, इस मामले में गुरुवार को पुलिस के तहरीर ले ली थी, लेकिन शुक्रवार की सुबह मुकदमे की कॉपी ने मिलने और मुकदमे के दर्ज होने या न होने की कोई सटीक जानकारी परिवार को पुलिस नही दे रही थी। दोपहर तक पुलिस समझाने में जुटी रही, मौके पर भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह और भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक ) के जिलाध्यक्ष कुलवंत सिंह जोशन, भाजपा नेता रामजीत सिंह गांव पहुंचे.

परिवार के लोग मुकदमा दर्ज न होने तक अंतिम संस्कार न करने पर अड़े रहे। बाद में मृतक के भाई की फोन पर केंद्रीय मंत्री से हुई बातचीत के बाद पुलिस स्टेशन ऑफीसर से बात हुई। तब जाकर मिल के सुरक्षा अधिकारी और महाप्रबंधक के खिलाफ मुकदमे में नाम शामिल होने की तहरीर मिलने पर अंतिम संस्कार हुआ।






