
लखीमपुर खीरी के भीरा थाना इलाके के बस्तौला श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी का शव कई घंटे तक रखा रहा, ग्रामीण और बाबा के भक्तों ने भू समाधि देने के तब तक इंकार कर दिया जब तक बाबा के हमलावरों पर पुलिस मुकदमा नही लिखती.
काफी हंगामा के बाद मुकदमा दर्ज हुआ तब जाकर बाबा को भू समाधि दी गई.
जिले के बिजुआ पुलिस चौकी इलाके के बस्तौला मंदिर के पुजारी के जहर खाने के बाद शनिवार को मौत हो गई थी. राधा कृष्ण मंदिर बस्तौला के पुजारी 74 वर्षीय बाबा महेशदास की मौत होने के बाद हिन्दूवादी संगठनों, बाबा के भक्तों में आक्रोश फैल गया। लोगों में बिजुआ पुलिस के खिलाफ भी आक्रोश रहा। भारी संख्या में लोग मन्दिर के आसपास एकत्र हो गए। उधर, शव का पोस्टमार्टम के बाद बाबा का शव मन्दिर परिसर ले जाया गया।
शव आने से पहले ही पुलिस ने जेसीबी से समाधि खुदवा दी थी. बाबा का जब शव गांव पहुंचा तो लोगों में आक्रोश फैल गया। यहां उनके शव की समाधि रोककर लोगों ने बाबा पर पहले हुए हमले के आरोपियों और बिजुआ चौकी पुलिस पर कार्रवाई की मांग की। भीड़ को देखते हुए पीएसी, कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। आरोपियों पर मुकदमा दर्ज होने और बिजुआ चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद शव को भू-समाधि दी गई।


लोगों का आरोप था बाबा पर हुए एक धारदार हथियार से हमले के मामले की शिकायत बिजुआ पुलिस से की गई। पुलिस की कार्रवाई से बाबा व उनके भक्त संतुष्ट नहीं थे। एक दिन पहले बाबा महेशदास ने जहरीला पदार्थ खा लिया। उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन इलाज के दौरान मौत हो गई। रविवार की दोपहर में बाबा शव बसतौला के श्री राधा कृष्ण मंदिर पहुंचा तो ग्रामीणों ने शव समाधि देने से रोक दिया। लोगों की मांग थी कि आरोपी के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। बिजुआ चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मौके पर एएसपी नेपाल सिंह, सीओ गोला अजेंद्र सिंह, तहसीलदार गोला सुखवीर सिंह, इंस्पेक्टर भीरा इंद्रजीत सिंह पहुंच गए और लोगों को समझाते रहे। पुलिस के अड़ियल रवैए से लोग उग्र हो गए। पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा के पीआरओ और पूर्व में बिजुआ चौकी इंचार्ज रहे मनीष पाठक की मध्यस्तता और विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय प्रवक्ता आचार्य संजय मिश्रा के समझाने के बाद भू समाधि दी गई. वहीं पुलिस ने बाबा के दामाद सुभनेश कुमार की तहरीर पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. लोग चौकी इंचार्ज बिजुआ चेतन तोमर के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए. संजय मिश्रा के आश्वासन मिलने के बाद बाबा के शव को भू समाधि दी गई। इस दौरान विपिन मिश्रा, विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय प्रवक्ता आचार्य संजय मिश्रा के अलावा तमाम लोग मौजूद रहे





