बजाज चीनी मिल के किसानों को नहीं मिल रहा पुराना बकाया भुगतान,

लखीमपुर खीरी. जिले में बलरामपुर ग्रुप की चीनी मिल ने गन्ना भुगतान कर किसानों को राहत दी है, गुलरिया चीनी मिल ने 17 नवम्बर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान कर दिया है. वहीं बजाज ग्रुप की चीनी मिलों पर बकाया भुगतान को लेकर किसान संगठनों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी है.
बलरामपुर ग्रुप की गुलरिया चीनी मिल ने 15 नवंबर से 17 नवंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान 11 करोड़ 55 लाख 95 हजार किसानों के खाते में भेज दिया है. चीनी मिल के मुख्य महा प्रबन्धक योगेश कुमार सिंह ने बताया की बैंक एडवाइस के माध्यम से गन्ना किसानों को चीनी मिल ने अब तक खरीदे गए गन्ने के भुगतान में 59 करोड़ 4 लाख 16 हजार का भुगतान कर दिया है.
किसान संगठन ने प्रशासन को याद दिलाया गन्ना एक्ट

राष्ट्रीय किशन शक्ति संगठन प्रदेशध्यक्ष श्री कृष्ण वर्मा ने गोला एसडीएम को ज्ञापन देकर गन्ना भुगतान कराने को मांग की है, ज्ञापन में कहा गया है कि संगठन ने नवीन पेराई सत्र शुरू होने से पहले पुराना भुगतान करने नवीन सत्र के गन्ने का भुगतान 14 दिन में दिए जाने की मांग लेकर प्रमुख सचिव गन्ना एवं चीनी विकास वीना कुमारी मीणा जी और गन्ना आयुक्त को मिलकर अनेकों बार ज्ञापन दिए किंतु बजाज ग्रुप की चीनी मिलों ने भुगतान नहीं किया , जब कि उत्तर प्रदेश गन्ना आपूर्ति एवं खरीद विनियमन अधिनियम 1953 में गन्ना खरीद का तुरंत भुगतान किए जाने का प्रावधान है , शुगर केन कंट्रोल ऑर्डर 1966 में गन्ना खरीद के 14 दिन में भुगतान करने की व्यवस्था है , विलंब से गन्ना भुगतान पर 15 फ़ीसदी ब्याज देने का प्रावधान है लेकिन चीनी मिलों द्वारा न तो समय पर भुगतान किया गया न ही ब्याज ही दिया गया। बजाज चीनी मिलों का यह कृत्य उत्तर प्रदेश वैक्यूम केन शुगर फैक्ट्री लाइसेंस इन ऑर्डर 1969 के अंतर्गत दिए गए लाइसेंस की धारा का उल्लंघन है जिसमें प्रावधान है कि लाइसेंसी गन्ना आयुक्त राज्य सरकार अथवा शासकीय अधिकारियों के निर्देश का पालन करेगा निर्देश का पालन न करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के अंतर्गत दंडनीय अपराध का भागी होगा लेकिन चीनी मिलों के अधिकारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं गन्ना विभाग के अधिकारियों से मिली भगत कर भुगतान किए जाने का सरकार को झूठे आंकड़े देकर किसानों के रोके गए भुगतान से लाभान्वित हो रहे हैं।





