बाढ़ मुआवजा, गन्ने का ₹600 मूल्य और पचपेड़ी घाट पर पक्के पुल की मांग

लखीमपुर खीरी के निघासन तहसील क्षेत्र में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद किसानों ने सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम संबंधित अधिकारियों को सौंपा।

किसानों ने कहा कि क्षेत्र में बाढ़ से फसलों और संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन अब तक कई प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा नहीं मिल पाया है। उन्होंने बाढ़ पीड़ित किसानों को शीघ्र और पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की।
ज्ञापन में गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही। किसानों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को जल्द जारी कराने की भी मांग उठाई।
किसानों ने पचपेड़ी घाट पर पक्के पुल के निर्माण की मांग भी की। उनका कहना है कि पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है और बरसात के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है। पक्के पुल के निर्माण से आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार में सुविधा मिलेगी।
प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में सिंचाई, बिजली और सड़क व्यवस्था में सुधार की मांग भी रखी। किसानों ने अधिकारियों से समस्याओं का जल्द समाधान कराने की अपील की और चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
अधिकारियों ने किसानों को उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
धरने में ये रहे शामिल
भारतीय किसान मजदूर यूनियन के नेतृत्व में आयोजित धरना-प्रदर्शन में संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों ने किसानों की सात सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया, प्रदेश उपाध्यक्ष रमाकांत दीक्षित, प्रदेश संगठन मंत्री नंदकिशोर आर्य, लखनऊ मंडल प्रभारी युगल किशोर और जिला अध्यक्ष अमर सिंह तोमर सहित संगठन के पदाधिकारी एवं किसान मौजूद रहे। किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा।





