- ढाबा पर लखूबसूरत डिजाइन में एक कुआँ बनाकर उसमें कछुओं को पाला गया था। खाना खाने आये एक व्यक्ति ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, सूचना पर वन विभाग की टीम ढाबे पर पहुँच गयी। वन कर्मियो ने ढाबे के मुख्य द्वार पर बने कुए में झांक कर देखा। सभी के होश उड़ गए। कुए के पाले गए कछुए दुर्लभ प्रजाति के थे।

(theuptopvoice), लखीमपुर खीरी। लखीमपुर में सीतापुर रोड पर एक ढाबा संचालक ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ढाबा के बीच मे खूबसूरत सा कुआं जैसा दिखने वाला टैंक बनवाया। उसी टैंक में चार कछुए लाकर पाल लिए। बताते हैं कि कछुए को पालने के बाद आकर्षण बढ़ जाने से वहां पर ज्यादा ग्राहक भी आने लगे। लेकिन किसी वन्य जीव प्रेमी की निगाह जब इस तमाशा बने वन्यजीव पर पड़ी, तो उसने वन विभाग को खबर कर दी। मंगलवार को शाम छह बजे महकमे के अफसर पहुंचे, तो वो नजारा देख कर चौंक गए, लोगो ने उन कछुओं को अपना charm पाने के लिए सिक्के भी डाले हुए थे। वन टीम चारों कछुओं को कब्जे में लेकर ढाबे पर मौजूद एक शख्स को साथ ले गयी।
- श्रेणी 1 के निकले बरामद कछुए
भारत में पाए जाने वाले कछुओं की कुल 26 प्रजातियां पाई जाती है।। कछुए भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत सूचीबद्ध है। तमाम प्रजाति खत्म होने के कगार पर हैं। ढाबे पर जो चार कछुए मिले हैं, वो Indian flapshell turtles नाम का है, जो शेड्यूल 1 का वन्यजीव है।
- जुलाई में लखीमपुर में तस्करों से मिला था दुर्लभ सांप
लखीमपुर जिले में दुधवा नेशनल पार्क होने से यहां तमाम दुर्लभ प्रजाति के वन्य-जीव जंतु संरक्षित किये जाते हैं। ऐसे में तमाम घटनाएं इन दुर्लभ जीव जंतुओं को लेकर सामने आती हैं। जुलाई माह में मैलानी रेंज में एक दुर्लभ रेडसैंड बोआ प्रजाति का सांप तस्करों के पास मिला था। जिसकी अंतराष्ट्रीय बाजार में कीमत ढाई करोड़ थी।





