दिल्ली से खीरी आया किसान पक्ष के वकीलों का डेलिगेशन
- किसान पक्ष की गिरफ्तारी से नाखुश किसान संयुक्त मोर्चा,
- मीडिया प्रभारी बोले यही रहा हाल तो 10 हजार लोग देंगे गिरफ्तारी
– तिकुनिया हिंसा मामले में गिरफ्तार हुए 2 किसानों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने बयान जारी किया है किसान मोर्चा ने कहा है कि किसानों की गिरफ्तारी उन पर दबाव डालने के लिए की जा रही है।

(The यूपी top voice टीम लखीमपुर)। लखीमपुर- खीरी के चर्चित तिकुनिया बनवीरपुर हिंसा मामले में किसान पक्ष के वकीलों का एक डेलीगेशन दिल्ली से लखीमपुर के हाथीपुर गुरुद्वारा आया है।
बता दें कि 3 अक्टूबर 2021 को तिकुनिया इलाके के गांव बनवीरपुर में उत्तर प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को काले झंडे दिखाने आये किसानों के ऊपर गाड़ी चढ़ने से जहां एक तरफ 4 किसानों की मौत हुई थी। वहीं इसके फलस्वरूप भड़की हिंसा में 3 बीजेपी कार्यकर्ता और 1 पत्रकार की भी मौत हो गई थी। इस को लेकर दोनों पक्ष के आरोपियों की पुलिस द्वारा गिरफ्तारी हुई है। जिसमें घटना के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों पर गाड़ी चढ़ाने के मामले में पहले पक्ष के 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, वहीं किसान पक्ष के 2 आरोपियों को 26 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया, जिनमें गुरविंदर सिंह और विचित्र सिंह गिरफ्तार किये गए थे। जिसके विरोध में आज शहर स्थित हाथीपुर गुरुद्वारा में दिल्ली से वकीलों का एक डेलिगेशन आया है, जिसमें एडवोकेट प्रेम सिंह भंगू कन्वीनर लीगल पैनल संयुक्त किसान मोर्चा, रमेंद्र सिंह पटियाला और पूनम कौशिक लखीमपुर शामिल हैं। भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि प्रदर्शनकारी जिन 2 किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, वह निर्दोष हैं। उन्होंने कहा कि मारपीट की धारा और हत्या की धारा अलग-अलग होती है, उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौत का जिम्मेदार पुलिस को ठहराते हुये कहा कि यह मौते पुलिस की कस्टडी में हुईं हैं।
- बोले – अगर पुलिस इसी तरह से कार्यवाही करेगी तो प्रदर्शन के दौरान 10 हज़ार लोग मौजूद थे, और यह सभी 10 हज़ार लोग जिलाधिकारी कार्यालय या एसपी कार्यालय पहुंचकर गिरफ्तारी की मांग करेंगे।





