संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री को लिखी खुली चिठ्ठी, रखी छह मांगे, मांग में गृह राज्यमंत्री की बर्खास्तगी शामिल

वो चिठ्ठी, जो प्रधानमंत्री को भेजी गई

(The_UpTop_Voice). टीम डिजिटल। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने रविवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखा है। पत्र में किसानों की तरफ से छह मांगें रखीं गयी हैं। प्रधानमंत्री को लिखे खुले पत्र में संयुक्त किसान मोर्चा ने सबसे पहले लिखा है कि सरकार को तुरंत किसानों से वार्ता बहाल करनी चाहिए, वार्ता न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रधानमंत्री को लिखे खुले पत्र में संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि आपके संबोधन में किसानों की प्रमुख मांगों पर ठोस घोषणा की कमी के कारण किसान निराश हैं। कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज मामले तुरंत वापस लिए जाने चाहिए। कृषि कानून विरोधी आंदोलन के दौरान जिन किसानों की मौत हुई, उनके परिवार को पुनर्वास सहायता, मुआवजा मिलना चाहिए।

  • देखिए क्या लिखा गया है पत्र में मोर्चा की तरफ से

पूरे देश के करोड़ों किसानों ने 19 नवंबर 2021 की सुबह राष्ट्र के नाम आपका संदेश सुना। हमने गौर किया कि 11 राउंड वार्ता के बाद आपने द्विपक्षीय समाधान की बजाय एकतरफा घोषणा का रास्ता चुना, लेकिन हमें खुशी है कि आपने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की है। हम इस घोषणा का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि आपकी सरकार अपने कथन को जल्द से जल्द और पूरी तरह निभाएगें। 

लिखा है कि, प्रधानमंत्री जी, आप जानते हैं कि तीन कानूनों को रद्द करना इस आंदोलन की एकमात्र मांग नहीं रही है। संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार के साथ वार्ता की शुरुआत से ही तीन और मांगें उठाई थी,

  • केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की मांग पर कायम है मोर्चा

प्रमुख छह मांगों में बिजली की बढ़ी दरें, किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे वापस लेने की मांग के अलावा लखीमपुर हिंसा में मुख्य आरोपी के पिता गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करने की मांग शामिल है.

5 नम्बर पर मांग में मोर्चा ने लिखा है कि लखीमपुर खीरी हत्याकांड के सूत्रधार और सेक्शन 120B के अभियुक्त अजय मिश्रा टेनी आज खुले घूम रहे हैं और आपके मंत्रिमंडल में मंत्री बने हुए हैं। वह आपके और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के साथ मंच भी साझा कर रहे हैं, उन्हें बर्खास्त और गिरफ्तार किया जाए।

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