लखीमपुर के पलिया में बजाज चीनी मिल पर धरने के दौरान उठाई आवाज
बकाया गन्ना भुगतान के लिए क्रमिक भूख हड़ताल हुई शुरू
किसान नेताओ के हैं अनगिनत सवाल ????
- एफआईआर अगर आम आदमी के खिलाफ होती तो क्या गिरफ्तारी में इतनी देर की जाती?
- जब कुछ करना ही नहीं है तो फिर एफआईआर का नाटक क्यों?
- किसानों की बजाए चीनी मिल मालिकों के साथ क्यों आ जाती हैं उनके ही द्वारा चुनी गईं सरकारें?
- प्रशासन के लोग भी क्यों बन जाते हैं मिल प्रबंधन के पक्षधर?
- प्रशासन के लोगों की सालों की सैलरी रोक दी जाए तब वह क्या करेंगे?
किसान नेताओं ने सत्ता और प्रशासन के लोगों से कहा कि हमारा दर्द समझें और बकाया भुगतान करवाने में सहयोग करें न कि मिल मालिकों के साथ दें।

- The यूपी top voice
- 07/12/2021
लखीमपुर/पलियाकलां। बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर पिछले रविवार से धरने पर बैठे किसानों ने सोमवार से क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। किसानों का कहना है कि जब तक बकाया भुगतान नहीं मिल जाता है तब तक धरना प्रदर्शन के साथ ही भूख हड़ताल भी जारी रहेगी।
चीनी मिल में धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि एफ आई आर दर्ज किए हुए समय हो चुका है लेकिन अभी तक मिल के अधिकारियों की गिरफ्तारी पुलिस नहीं कर सकी है। इसके अलावा गोला मिल में मिल मालिक के खिलाफ भी एफ आई आर दर्ज हो चुकी है लेकिन उनको भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। यही आम आदमी पर मुकदमा दर्ज होता तो 24 घंटे में पुलिस गिरफ्तार कर लेती, प्रशासन भी गन्ना किसानों का सहयोग करता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। किसानों ने जल्द से जल्द भुगतान दिलाने की मांग की है। कहा कि किसान आज रुपये रुपये को मोहताज है, बच्चों की फीस भरने को रुपये नहीं, खाने के लाले हैं, लोन का ब्याज बढ़ता जा रहा है, वसूली वाले दबाव बना रहे हैं। कई किसान आत्महत्या कर चुके हैं आखिर किसानों का दर्द किसी को क्यों नहीं दिखाई दे रहा है।





