दिल्ली के बॉर्डर पर चल रहा किसानों का आंदोलन अब खत्म हो गया है सरकार से बात होने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने इसकी घोषणा कर दी दिल्ली की सीमा पर शुरू हुआ आंदोलन 1 साल से ज्यादा तक चला बॉर्डरों पर चल रहा किसान आंदोलन अब खत्म हो गया है। इसकी एसकेएम की ओर से औपचारिक घोषणा कर दी गई है।

दिल्ली (डिजिटल टीम) । नए कृषि कानून को लेकर दिल्ली बॉर्डर पर 14 माह से चल रहा आंदोलन अब खत्म हो गया है। सरकार ने पहले की तीनों कृषि कानून वापस ले लिए थे, लेकिन एमएसपी पर बात अटकी थी, साथ ही 7 अन्य मांगों पर सरकार से लड़ाई चल रही थी। किसान नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में 378 दिन किसान धरने पर बैठे रहे।
लम्बे समय से किसानों की मांग को सरकार ने आखिरकर 14 माह लम्बे आंदोलन के बाद मान लिया। 19 नबम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बिल वापस लेने की घोषणा के बाद माना जाने लगा था कि अब सरकार अन्य माँगों को भी जल्द मान लेगी। सरकार के थोड़ा झुक जाने पर संयुक्त किसान मोर्चा ने भी नरमी दिखाई, संगठनों ने 5 सदस्यों की कमेटी का गठन कर दिया था। कमेटी सरकार से बात कर रही थी। संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से सरकार को जो मांगे दी गईं थीं। दो दिन पहले केंद्र सरकार की तरफ से संयुक्त मोर्चे को एक सहमति पत्र दे दिया गया था। दिल्ली सीमाओं पर शुरू हुए आंदोलन के 378वें दिन पंजाब की 32 जत्थेबंदियों ने बैठक कर कहा है कि 11 तारीख को उनकी आंदोलन से वापसी हो जाएगी। किसानों को सरकार से अधिकृत पत्र मिल गया है।
अब शनिवार से किसान घर वापस जाने लगेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने साफ कर दिया है कि जब तक सभी मांगे पुरी तरह से लागू नही हो जाती तब तक ये खत्म नही माना जाए, ये आंदोलन स्थगित है।





