सोनभद्र के डीएम आईएएस टीके शिबू पर योगी सरकार का पहला हंटर चला है, उन पर जनप्रतिनिधियों और कमिश्नर की जांच में दोषी पाए जाने पर कार्यवाही की गई है,

लखनऊ- टीम डिजिटल (THE_UP_TOP_VOICE)। सोनभद्र जिले के डीएम टीके शिबू को शासन के निर्देश पर सस्पेंड कर दिया गया है, आइएएस टीके शिबू पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव के दौरान बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया था. उन पर खनन और निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा है. इनके खिलाफ जनप्रतिनिधियों ने भी शिकायत की थी.
अपर मुख्य सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने आयुक्त विंध्याचल मंडल मिर्जापुर समेत अन्य अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा है। पत्र में लिखा है कि सोनभद्र के डीएम टीके शिबू के विरुद्ध खनन जिला खनिज न्यास समिति और अन्य निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें जनप्रतिनिधियों ने की थी।
,डीएम टीके शिबू के खिलाफ जनपद में खनन, जिला खनिज न्यास समिति और अन्य निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें जनप्रतिनिधियों की ओर से की गई थीं. वहीं, विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान इन पर जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में गंभीर लापरवाही बरतने का भी आरोप लगा है. शासन ने सूचना दी है कि इन्होंने चुनाव के दौरान पोस्टल बैलेट पेपर सील नहीं किया था. इस वजह से सार्वजनिक स्थल पर उसकी तस्वीरें वायरल हो गई थीं. इस कारण जनपद का मतदान निरस्त करने की स्थिति बन गई थी. उस मामले को विंध्याचल मंडल मीरजापुर द्वारा जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर दोबारा सील किया गया था।
टीके शिबू 2012 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें 23 अक्तूबर 2021 को सोनभद्र के जिलाधिकारी के पद पर तैनात किया गया था। लेकिन चुनाव के दौरान उन पर लापरवाही का आरोप लगा था। इस मामले की जांच वाराणसी मंडल के कमिश्नर को सौंपी गई है. जांच पूरी न हो जाने तक वे राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ से सम्बद्ध रहेंगे. इस दौरान वे बिना किसी लिखित अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकते हैं.





