
लखीमपुर खीरी के नामी स्कूल में हुई गोली कांड के बाद प्रशासन ने 16 बिंदुओं में सुरक्षा के मानक तय किया है, The UP TOP VOICE की ओर से आसान भाषा में समझिए क्या है इन बिंदुओं में

चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल, शाहपुरा कोठी में 21 सितंबर को हुई गोलीकांड की घटना के बाद जिले के स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। घटना में एक शिक्षिका की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि हमलावर की भी गोली लगने से मौत हुई थी। घटना के समय स्कूल में बच्चे और स्टाफ मौजूद थे।
इसके बाद डीएम अंजनी कुमार सिंह और एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने विद्यालय प्रबंधकों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और 16 बिंदुओं वाली सुरक्षा चेकलिस्ट के आधार पर स्कूलों में सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।
1. प्रवेश नियंत्रण होगा सख्त
स्कूल समय में केवल मुख्य गेट खुला रहेगा, अन्य गेट बंद रहेंगे।
मुख्य गेट पर विजिटर रजिस्टर अनिवार्य होगा।
आगंतुक का नाम, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र और आने-जाने का समय दर्ज होगा।
बिना अनुमति बाहरी व्यक्ति का स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं होगा।
2. आगंतुकों का सत्यापन
आगंतुकों की पहचान आईडी कार्ड/ओटीपी के माध्यम से सत्यापित की जाएगी।
बाहरी व्यक्ति को सीधे कक्षा या गलियारे तक जाने की अनुमति नहीं होगी।
किसी शिक्षक या स्टाफ को बाहर बुलाने के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन होगा।
3. बच्चों की सुरक्षा और POCSO अनुपालन
स्टाफ और विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग शौचालय होंगे।
छोटे बच्चों के शौचालय में महिला अटेंडेंट की व्यवस्था होगी।
किसी स्टाफ सदस्य का किसी बच्चे के साथ बंद कमरे में अकेले रहना प्रतिबंधित होगा।
स्कूल में बाल संरक्षण समिति और शिकायत पेटी की व्यवस्था रहेगी।
1098, 112 और 1090 जैसे हेल्पलाइन नंबर प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएंगे।
4. CCTV और आपातकालीन व्यवस्था
गेट, गलियारे, खेल मैदान और शौचालय के बाहरी हिस्सों में CCTV सक्रिय रहेंगे।
CCTV की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी।
रिसेप्शन, स्टाफ रूम और प्रधानाचार्य कक्ष में पैनिक बटन/अलार्म की व्यवस्था होगी।
स्कूल में लॉकडाउन प्लान और आपातकालीन निकासी व्यवस्था तैयार रहेगी।
वर्ष में कम से कम दो बार फायर/इमरजेंसी ड्रिल कराई जाएगी।
5. पुलिस से सीधा समन्वय
प्रत्येक स्कूल में एक नोडल सुरक्षा अधिकारी नामित किया जाएगा।
संबंधित बीट पुलिसकर्मी और थाना प्रभारी से नियमित संपर्क रखा जाएगा।
स्कूल खुलने और छुट्टी के समय पुलिस गश्त/PRV की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी,
6. प्रत्येक कर्मचारी का पुलिस सत्यापन
शिक्षक, सफाईकर्मी, गार्ड, ड्राइवर, कंडक्टर, कैंटीन कर्मचारी और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।
7. कर्मचारियों का दोबारा सत्यापन
स्टाफ और बस कर्मचारियों का हर छह माह में पुलिस सत्यापन कराया जाएगा। नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जाएगा।
8. सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था
स्कूल में तैनात सुरक्षा गार्ड लाइसेंसधारी एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किए जाएं और उनकी जिम्मेदारियां स्पष्ट हों।
9. स्कूल की चारदीवारी मजबूत होगी
परिसर की बाउंड्री पर्याप्त ऊंचाई की होगी। कमजोर स्थानों पर एंट्री-क्लाइंब व्यवस्था और संवेदनशील कमरों/छत के रास्तों पर ताला लगाया जाएगा।
10. बैग और सामान की जांच
आगंतुकों के बैग की अनिवार्य जांच होगी। आवश्यकता के अनुसार विद्यार्थियों के बैग की भी आकस्मिक जांच की व्यवस्था रखी जाएगी।
11. छुट्टी के समय विशेष सतर्कता
बच्चों को केवल अधिकृत अभिभावक या अधिकृत पिक-अप व्यक्ति को ही सौंपा जाएगा। पहचान की पुष्टि के लिए आईडी/ओटीपी व्यवस्था लागू रहेगी।
12. बच्चों को सुरक्षा की जानकारी
विद्यार्थियों को Good Touch–Bad Touch, POCSO कानून और आपातकालीन हेल्पलाइन की जानकारी दी जाएगी। बच्चों को किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
13. कोई बच्चा अकेला नहीं
किसी बच्चे को स्टाफ के साथ बंद कमरे में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था रखी जाएगी।
14. सोशल मीडिया की धमकियों को गंभीरता से लेना
स्कूल प्रबंधन को सोशल मीडिया पर मिलने वाली धमकियों, संदिग्ध संदेशों या छात्रों के बीच गंभीर विवाद की सूचना को नजरअंदाज नहीं करना होगा। जरूरत पड़ने पर तत्काल पुलिस और अभिभावकों को सूचना दी जाएगी।
15. आपातकालीन निकासी और फायर ड्रिल
स्कूल में आपातकालीन निकासी मार्ग स्पष्ट रहेंगे। आग, हिंसा या अन्य आपदा की स्थिति से निपटने के लिए नियमित मॉक ड्रिल कराई जाएगी।
16. नियमित सुरक्षा ऑडिट और जवाबदेही
16 बिंदुओं की चेकलिस्ट के आधार पर स्कूलों का नियमित सुरक्षा ऑडिट होगा। CCTV, प्रवेश व्यवस्था, पुलिस सत्यापन, पैनिक बटन, सुरक्षा गार्ड और आपातकालीन व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
क्या हुआ था 2 दिन पहले, जो प्रशासन को बनाने पड़े सख्त नियम
हालिया घटना ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
लखीमपुर के चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल में 21 सितंबर को हुई गोलीबारी में एक युवक ने स्कूल परिसर में शिक्षिका को गोली मार दी और इसके बाद खुद को भी गोली मार ली। पुलिस के अनुसार घटना करीब 11:30 बजे हुई, जब स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं। घटना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
इसी घटना के बाद अब स्कूलों में मुख्य गेट से प्रवेश, आगंतुक सत्यापन, CCTV, पैनिक बटन, पुलिस सत्यापन और नियमित सुरक्षा ऑडिट को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों और स्टाफ की सुरक्षा में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
रिपोर्ट — The UP Top Voice
खबर वही जो है सही…
www.theuptopvoice.in�





