सांसद वरूण गांधी के एक बार फिर बागी सुर, धान जलाने वाला वीडियो किया ट्वीट

वरूण गांधी एक बार फिर से अपनी पार्टी को घेरते नजर आए, उन्होंने लखीमपुर की उस घटना को ट्वीट किया है, जिसमें किसान ने अपने धान के ढेर में आग लगा दी थी। गांधी वरूण ने सरकार को सलाह दी है कि कृषि नीति पर पुनर्चितंन की जरूरत है।

लखीमपुर धान जलाने वाला वीडियो किया ट्वीट

(यूपीटॉप-वाइस) लखनऊ/लखीमपुर। पीलीभीत जिले के सांसद वरूण गांधी ने मौजूदा सरकार पर निशाने पर लिया है। एक बार फिर से वरूण ने लखीमपुर खीरी के किसानों की आवाज बने हैँ। उन्होंने मंडियों में धान खरीद पर सवाल उठाते हुए सरकार को सलाह दी है। वरूण गांधी ने लखीमपुर खीरी के किसान के धान पर आग लगाए जाने का वीडियो वायरल को ट्वीट करते हुए लिखा है।

“उत्तर प्रदेश के किसान श्री समोध सिंह पिछले 15 दिनों से अपनी धान की फसल को बेचने के लिए मंडियों में मारे-मारे फिर रहे थे, जब धान बिका नहीं तो निराश होकर इसमें स्वयं आग लगा दी।
इस व्यवस्था ने किसानों को कहाँ लाकर खड़ा कर दिया है? कृषि नीति पर पुनर्चिंतन आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।”

31 अगस्त को किसानों के दिल की बात सुनकर बदले वरूण के सुर

लखीमपुर। वरूण गांधी भाजपा से सांसद है, पड़ोसी जिला पीलीभीत सिख किसान बाहुल्य सीट है, माना जाता है कि वरूण के समर्थकों एवं वोटर में सिख समाज के लोग हैं। वरूण गांधी ने अपने ट्वीट से ही अपनी बगावत के सुर बयां किए। 31 अगस्त को पीलीभीत में अपने संसदीय क्षेत्र में किसानों के साथ मन की बात करने के बाद ही कयास लगने शुरु हुए कि वरूण किसान आंदोलन में पार्टी की गाइडलाइन से इतर चलने वाले हैँ। उन्होंने ‌ट्वीट कर लिखा कि मैंने पीलीभीत के किसानों के बीच बैठकर उनके दिल की बात सुनी। उसी के बाद वरूण गांधी ने 5 सितंबर को मुजफ्फर नगर में आयोजित किसानों की पंचायत का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि ये भी इंसान हैँ, इनकी बात हमें धैर्यपूर्वक सुननी चाहिए और इनसे जुड़ना चाहिए।

फिर दनादन होने लगे वरूण के ट्वीट, लखीमपुर कांड से हुए ज्यादा मुखर

वरूण गांधी ने किसानों के गन्ने का रेट बढ़ाने के लिए 11 ‌सिसतंबर को सीएम योगी को पत्र लिखकर याद दिलाया कि उनकी सरकार ने चार साल में सिर्फ 10 रूपए ही बढ़ाए हैँ। 27 सिंतबर को वरूण गांधी योगी सरकार के 350 रूपए गन्ने का रेट किए जाने पर सीएम योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए सलाह दे डाली कि कि गन्ने का रेट मौजूदा समय में 400 से कम नही होना चाहिए।

लखीमपुर हिंसा में किसानों के थार से रौंदने के वीडियो को ट्वीट कर पुलिस से कारवाही की मांग की थी

  • 3 सिंतबर को लखीमपुर हिंसा में वायरल हुए सबसे पहले थार वाले वीडियो को 5 सिंतबर को ट्वीट कर प्रदेश सरकार के डीजीपी को भी टैग कर पुलिस कारवाही के लिए लिखा था, जब कि लखीमपुर कांड में तब तक मुख्य आरोपी के रूप मेें उनके साथ में दो सत्र से सांसद और अब उनकी ही पार्टी के गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा के नाम मुकदमा लिखा जा चुका था। फिर लगातार कभी लखीमपुर कांड के तो कभी किसानों के आंदोलन को जायज ठहराते पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेई के वीडियो वायरल किए।

दो दिन पहले बाढ़ में सरकार के काम को नाकाफी बताते हुए भी ट्वीट किया। अब मोहम्मदी की घटना का वीडियो ट्वीट किया है।

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